MYTHOLOGICAL

सलाह नहीं, साथ दीजिये!

mythological stories

आज की कहानी आपको बहुत कुछ सिखाने वाली है| ये कहानी है एक बगुला की, जिसके बच्चे समुद्र में डूब गए और वो बगुला ने सोच लिया की वो उस समुद्र को सूखा देगा|

अब बगुला बार बार अपनी चोंच में पानी भरकर बाहर फेकने लगा| इतने में उसका दोस्त दूसरा बगुला आ गया, उसने बोला की ये तुम क्या करने में लगे हो, तुम कहा और समुद्र कहा, ऐसा करना बेकार है, ये करना छोड़ दो| पर बगुला नहीं माना और बोला की सलाह नहीं साथ देना है तो दो |

उसका दोस्त भी यही करने लगा, ऐसे करते करते एक के बाद एक बगुले आते गए और सब एक दूसरे से कहते सलाह नहीं साथ दीजिये | ऐसा लगने लगा की पूरी सृष्टि के बगुले वह आ पहुंचे है|

अब ये सब बात देख कर, पक्षियों के देवता गरूर देव भी आने को होए, उन्होंने भगवन विष्णु से आज्ञा मांगी की मुझे भी वह जाकर उनका साथ देना है| भगवन विष्णु बोले की तुम क्या करने जा रहे हो, तुम्हे पता है की इससे कुछ नहीं होने वाला, तो गरूर देव ने भी भगवन विष्णु से यही कह दिया, सलाह नहीं साथ दीजिये |

तब क्या था भगवन विष्णु खुद चल दिए समुद्र सुखाने, ये देख समुद्र डर गया, की अब तो उसका सुखना तय है| ये सोच के उसने तुरंत बगुले के बच्चे उसको वापिस दिए|

Moral of the Story: ये छोटी सी कहानी बहुत कुछ सिखाती है, जैसे हालत चल रहे है, इन हालातो में आपकी सलाह की नहीं साथ की जरूरत है, आपसे जैसे ही हो सके दोसरा का साथ दीजिये, उनका सयोग करे। और जैसे हमने पड़ा की अगर हौसला बुलंद हो तोह आप कुछ भी कर सकने की ताकत रखते है। एकता की शक्ति क्या होती है आज हमे इस कहानी से ये भी जानने को मिला।
पड़ते रहिये और सीखते रहिये हमारे साथ!!
धन्यवाद।

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